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श्रीमते रामानुजाय नमः
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पेरिय तिरुमोळि 11.7

पत्तु 11 · दशक 11.7 · 10 पाशुर

पेरिय तिरुमोळि 11.7.1 · चार हज़ार में 2012वाँ पाशुर

नीळ् नागम् सुऱ्ऱि नॆडु वरै नट्टु आऴ् कडलैप्पेणाऩ् कडैंदु अमुदम् कॊंडु उगंद पॆम्माऩैपूण् आर मार्वऩै पुळ् ऊरुम् पॊऩ् मलैयै-काणादार् कण् ऎऩ्ऱुम् कण् अल्ल कंडामे

अर्थ

उन्होंने लम्बे सर्प को लपेटा, ऊँचा पर्वत गाड़ा, श्रम की कोई परवाह किए बिना गहरे समुद्र को मथा, और आनन्द से अमृत निकाला। उनका वक्ष रत्नों और मालाओं से सजा है; वे पक्षी पर सवार होते हैं, एक स्वर्ण-पर्वत। जिन्होंने उन्हें नहीं देखा, उनकी आँखें आँखें हैं ही नहीं। यह हमने देखा है।

शब्दशः

नीळ् नागम् सुऱ्ऱि
लम्बे सर्प को लपेटकर
नॆडु वरै नट्टु
ऊँचा पर्वत गाड़कर
अमुदम् कॊंडु उगंद
जिन्होंने आनन्द से अमृत निकाला
पुळ् ऊरुम् पॊऩ् मलैयै
पक्षी गरुड़ पर सवार होने वाला स्वर्ण-पर्वत
काणादार् कण्
जिन्होंने उन्हें नहीं देखा उनकी आँखें
कण् अल्ल
आँखें नहीं हैं
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पेरिय तिरुमोळि 11.7.2 · चार हज़ार में 2013वाँ पाशुर

नीळ्वाऩ् कुऱळ् उरु आय् निऩ्ऱु इरंदु मावलि मण्ताळाल् अळविट्ट तक्कणैक्कु मिक्काऩैतोळाद मा मणियै तॊंडर्क्कु इऩियाऩै-केळाच् चॆविगळ् सॆवि अल्ल केट्टामे

अर्थ

इतने ऊँचे बढ़ने वाले वे प्रभु वामन बने, खड़े होकर भीख माँगी, और अपने चरणों से महाबली की धरती नाप ली, ऐसे प्रभु जो पाए हुए दान से कहीं बड़े हैं। वे वह महान मणि हैं जिसे किसी ने नहीं बेधा, अपने भक्तों के लिए मधुर। जिन कानों ने उनके बारे में नहीं सुना, वे कान हैं ही नहीं। यह हम जानते हैं।

शब्दशः

कुऱळ् उरु आय् निऩ्ऱु इरंदु
वामन बनकर खड़े होकर भीख माँगी
मावलि मण्
महाबली की धरती
तक्कणैक्कु मिक्काऩै
पाए हुए दान से कहीं बड़े
तोळाद मा मणियै
वह महान मणि जिसे किसी ने नहीं बेधा
तॊंडर्क्कु इऩियाऩै
अपने भक्तों के लिए मधुर
केळाच् चॆविगळ्
वे कान जिन्होंने उनके बारे में नहीं सुना
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पेरिय तिरुमोळि 11.7.3 · चार हज़ार में 2014वाँ पाशुर

तूयाऩै तूय मऱैयाऩै तॆऩ् आलिमेयाऩै मेवाळ् उयिर् उंडु अमुदु उंडवायाऩै मालै-वणंगि अवऩ् पॆरुमैपेशादार् पेच्चु ऎऩ्ऱुम् पेच्चु अल्ल केट्टामे

अर्थ

वे पवित्र प्रभु हैं, पवित्र वेदों के प्रभु, जो दक्षिण के तिरुवालि में निवास करते हैं; उन्हीं का वह मुख है जिसने शत्रु राक्षसी के दूध के साथ उसके प्राण भी पी लिए। जो उन प्रभु, माल् को नमन करके उनकी महिमा नहीं कहते, उनकी वाणी वाणी है ही नहीं। यह हमने सुना है।

शब्दशः

तूयाऩै
पवित्र प्रभु को
तूय मऱैयाऩै
पवित्र वेदों के प्रभु को
तॆऩ् आलि मेयाऩै
जो दक्षिण के तिरुवालि में निवास करते हैं
मेवाळ् उयिर् उंडु
शत्रु स्त्री, पूतना के प्राण पी लिए
पेशादार् पेच्चु
जो उनकी बात नहीं करते, उनकी वाणी
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पेरिय तिरुमोळि 11.7.4 · चार हज़ार में 2015वाँ पाशुर

कूडा इरणियऩैक् कूर् उगिराल् मार्वु इडंदओडा अडल् अरियै उंबरार् कोमाऩैतोडु आर् नऱुन् तुऴाय् मार्वऩै-आर्वत्ताल्पाडादार् पाट्टु ऎऩ्ऱुम् पाट्टु अल्ल केट्टामे

अर्थ

उन्होंने अपने तीखे नखों से शत्रु हिरण्य का वक्ष चीर डाला; वे कभी पीठ न दिखाने वाले पराक्रमी सिंह हैं, देवताओं के राजा, जिनके वक्ष पर पंखुड़ियों वाली सुगन्धित तुलसी है। जो लालसा से उनके गीत नहीं गाते, उनके गीत गीत हैं ही नहीं। यह हमने सुना है।

शब्दशः

कूडा इरणियऩैक्
शत्रु हिरण्य को
कूर् उगिराल् मार्वु इडंद
तीखे नखों से उसका वक्ष चीरा
ओडा अडल् अरियै
कभी पीठ न दिखाने वाले पराक्रमी सिंह को
उंबरार् कोमाऩै
देवताओं के राजा को
नऱुन् तुऴाय्
सुगन्धित तुलसी
आर्वत्ताल् पाडादार्
जो लालसा से नहीं गाते
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पेरिय तिरुमोळि 11.7.5 · चार हज़ार में 2016वाँ पाशुर

मै आर् कडलुम् मणि वरैयुम् मा मुगिलुम्कॊय् आर् कुवळैयुम् कायावुम् पोऩ्ऱु इरुंडमॆय्याऩै मॆय्य मलैयाऩै संगु एंदुम्कैयाऩै-कै तॊऴा कै अल्ल कंडामे

अर्थ

उनका शरीर काले समुद्र जैसा, नीलमणि के पर्वत जैसा, विशाल वर्षा-मेघ जैसा, ताज़े तोड़े कुवलै फूल और कायाम्पू फूल जैसा श्यामल है। वे तिरुमेय्यम् की पहाड़ी के प्रभु हैं, जिनके हाथ में शंख है। जो हाथ उनकी उपासना में नहीं जुड़ते, वे हाथ हैं ही नहीं। यह हमने देखा है।

शब्दशः

मै आर् कडलुम्
काला समुद्र
मणि वरैयुम्
नीलमणि का पर्वत
कॊय् आर् कुवळैयुम्
ताज़ा तोड़ा नीला कुवलै फूल
कायावुम्
श्याम कायाम्पू फूल
मॆय्य मलैयाऩै
तिरुमेय्यम् की पहाड़ी के प्रभु को
कै तॊऴा कै
जो हाथ उपासना नहीं करते
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पेरिय तिरुमोळि 11.7.6 · चार हज़ार में 2017वाँ पाशुर

कळ् आर् तुऴायुम् कणवलरुम् कूविळैयुम्मुळ् आर् मुळरियुम् आंबलुम् मुऩ् कंडक्काल्पुळ् आय् ओर् एऩम् आय्प् पुक्कु इडंदाऩ् पॊऩ् अडिक्कु ऎऩ्ऱु-उळ्ळादार् उळ्ळत्तै उळ्ळमाक् कॊळ्ळोमे

अर्थ

मधु भरी तुलसी, कणवलर् और कूविळम् के फूल, काँटेदार डण्डी वाला कमल, कुमुदिनी: इन्हें देखकर कुछ लोग कभी नहीं सोचते, ‘ये उन प्रभु के स्वर्णिम चरणों के लिए हैं जो पक्षी बनकर आए, और वराह बनकर कूदे और धरती को उठा लाए।’ ऐसे लोगों के हृदयों को हम हृदय नहीं गिनेंगे।

शब्दशः

कळ् आर् तुऴायुम्
मधु भरी तुलसी
मुळ् आर् मुळरियुम्
काँटेदार डण्डी वाला कमल
आंबलुम्
कुमुदिनी
एऩम् आय्प् पुक्कु इडंदाऩ्
जो वराह बने, कूदे और धरती उठा लाए
पॊऩ् अडिक्कु
उनके स्वर्णिम चरणों के लिए
उळ्ळमाक् कॊळ्ळोमे
हम उन्हें हृदय नहीं गिनेंगे
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पेरिय तिरुमोळि 11.7.7 · चार हज़ार में 2018वाँ पाशुर

कऩै आर् कडलुम् करुविळैयुम् कायावुम्अऩैयाऩै-अऩ्बिऩाल् आर्वत्ताल् ऎऩ्ऱुम्सुऩै आर् मलर् इट्टु तॊंडराय् निऩ्ऱुनिऩैयादार् नॆंजु ऎऩ्ऱुम् नॆंजु अल्ल कंडामे

अर्थ

वे गरजते समुद्र, करुविळै फूल और कायाम्पू फूल जैसे हैं। जो उनके भक्त बनकर, प्रेम और लालसा से पहाड़ी झरनों के फूल चढ़ाते हुए, सदा उनका स्मरण नहीं करते, उनके हृदय हृदय हैं ही नहीं। यह हमने देखा है।

शब्दशः

कऩै आर् कडलुम्
गरजता समुद्र
करुविळैयुम्
श्याम करुविळै फूल
अऩ्बिऩाल् आर्वत्ताल्
प्रेम और लालसा से
सुऩै आर् मलर् इट्टु
झरनों के फूल चढ़ाकर
तॊंडराय् निऩ्ऱु
उनके भक्त बनकर खड़े होकर
निऩैयादार् नॆंजु
जो उनका स्मरण नहीं करते उनके हृदय
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पेरिय तिरुमोळि 11.7.8 · चार हज़ार में 2019वाँ पाशुर

वॆऱि आर् करुङ् कूंदल् आय्च्चियर् वैत्तउऱि आर् नऱु वॆण्णॆय् ताऩ् उगंदु उंडसिऱियाऩै सॆङ् कण् नॆडियाऩै-सिंदित्तुअऱियादार् ऎऩ्ऱुम् अऱियादार् कंडामे

अर्थ

एक नन्हे बालक के रूप में उन्होंने सुगन्धित काले केशों वाली ग्वालिनों द्वारा लटकते छींकों के मटकों में रखा सुगन्धित मक्खन आनन्द से खाया; वे लाल आँखों वाले, ऊँचे प्रभु हैं। जिन्होंने उनका चिन्तन करके उन्हें जाना नहीं, वे सदा ज्ञान से रहित ही रहते हैं। यह हमने देखा है।

शब्दशः

वॆऱि आर् करुङ् कूंदल्
सुगन्धित काले केश
उऱि आर् नऱु वॆण्णॆय्
लटकते छींकों के मटकों का सुगन्धित मक्खन
सिऱियाऩै
नन्हे बालक को
सॆङ् कण् नॆडियाऩै
लाल आँखों वाले ऊँचे प्रभु को
सिंदित्तु अऱियादार्
जिन्होंने उनका चिन्तन करके उन्हें नहीं जाना
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पेरिय तिरुमोळि 11.7.9 · चार हज़ार में 2020वाँ पाशुर

तेऩॊडु वंडु आलुम् तिरुमालिरुंजोलैताऩ् इडमाक् कॊंडाऩ् तड मलर्क् कण्णिक्काय्आऩ् विडै एऴ् अऩ्ऱु अडर्त्ताऱ्कु-आळ् आऩार् अल्लादार्माऩिडवर् अल्लर् ऎऩ्ऱु ऎऩ् मऩत्ते वैत्तेऩे

अर्थ

उन्होंने मधु के बीच भौंरों के गुनगुनाने वाले तिरुमालिरुञ्जोलै को अपना निवास बनाया, और एक बार विशाल, फूल-सी आँखों वाली कन्या के लिए सात बैलों को वश में किया। जो उनके सेवक नहीं बने, वे मनुष्य हैं ही नहीं: यह मैंने अपने मन में तय कर लिया है।

शब्दशः

तेऩॊडु वंडु आलुम्
जहाँ मधु के बीच भौंरे गुनगुनाते हैं
तिरुमालिरुंजोलै
तिरुमालिरुञ्जोलै
तड मलर्क् कण्णिक्काय्
विशाल, फूल-सी आँखों वाली कन्या नप्पिन्नै के लिए
आऩ् विडै एऴ्
सात बैल
आळ् आऩार् अल्लादार्
जो उनके सेवक नहीं बने
माऩिडवर् अल्लर्
वे मनुष्य नहीं हैं
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पेरिय तिरुमोळि 11.7.10 · चार हज़ार में 2021वाँ पाशुर

मॆय्न् निऩ्ऱ पावम् अगल तिरुमालैक्कैन् निऩ्ऱ आऴियाऩ् सूऴुम् कऴल् सूडिक्कैन् निऩ्ऱ वेल् कैक् कलियऩ् ऒलि मालैऐयॊऩ्ऱुम् ऐंदुम् इवै-पाडि आडुमिऩे

अर्थ

तुमसे चिपके पाप झड़ जाएँ, इसके लिए हाथ में चक्र धारण करने वाले प्रभु, तिरुमाल् के चरण अपने सिरों पर धारण करो। फिर हाथ में भाला धारण करने वाले कलियन्, तिरुमङ्गै आळ्वार्, की गूँजती माला के इन दस पाशुरों को गाओ और नाचो।

शब्दशः

मॆय्न् निऩ्ऱ पावम् अगल
ताकि चिपके पाप झड़ जाएँ
कैन् निऩ्ऱ आऴियाऩ्
हाथ में चक्र वाले प्रभु
कऴल् सूडिक्
उनके चरण अपने सिरों पर धारण करके
वेल् कैक् कलियऩ्
हाथ में भाला वाले कलियन्, तिरुमङ्गै आळ्वार्
ऒलि मालै
गूँजती माला
पाडि आडुमिऩे
गाओ और नाचो
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पाशुर पाठ: प्रोजेक्ट मदुरै का नालायिर दिव्य प्रबन्धम् का पद-विभक्त ई-पाठ, उनके दूसरे संस्करण से हर पाशुर मिलाया गया। पाशुर देवनागरी में वैसे लिखा है जैसे तमिऴ् में पढ़ा जाता है: ழ को ऴ, ற को ऱ, ன को ऩ। अर्थ आचार्यों के व्याख्यानों के प्रकाश में इस साइट के लिए लिखी गई सरल प्रस्तुतियाँ हैं, और विद्वान् की समीक्षा की प्रतीक्षा में हैं।