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श्रीमते रामानुजाय नमः
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पेरियाळ्वार् तिरुमोळि 2.10

पत्तु 2 · दशक 2.10 · 10 पाशुर

पेरियाळ्वार् तिरुमोळि 2.10.1 · चार हज़ार में 213वाँ पाशुर

आऱ्ऱिल् इरुंदु विळैयाडुवोंगळैच्सेऱ्ऱाल् ऎऱिंदु वळै तुगिऱ् कैक्कॊंडुकाऱ्ऱिऱ् कडियऩाय् ओडि अगम् पुक्कुमाऱ्ऱमुम् ताराऩाल् इऩ्ऱु मुऱ्ऱुम्वळैत् तिऱम् पेशाऩाल् इऩ्ऱु मुऱ्ऱुम्

अर्थ

(ग्वाल-बालाएँ यशोदा से शिकायत करती हैं।) हम नदी में खेल रही थीं, और इसने हम पर कीचड़ फेंका, हमारी चूड़ियाँ और कपड़े छीन लिए, हवा से भी तेज़ भागकर घर में घुस गया, और हमें जवाब तक नहीं देता। आज तो हद हो गई! हमारी चूड़ियाँ लौटाने की बात तक नहीं करता। आज तो हद हो गई!

शब्दशः

आऱ्ऱिल् इरुंदु विळैयाडुवोंगळैच्
नदी में खेलती हुई हमें
सेऱ्ऱाल् ऎऱिंदु
हम पर कीचड़ फेंककर
वळै तुगिऱ् कैक्कॊंडु
हमारी चूड़ियाँ और कपड़े छीनकर
काऱ्ऱिऱ् कडियऩाय्
हवा से भी तेज़
माऱ्ऱमुम् ताराऩाल्
वह जवाब तक नहीं देता
इऩ्ऱु मुऱ्ऱुम्
आज तो हद हो गई; आज सब खत्म
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पेरियाळ्वार् तिरुमोळि 2.10.2 · चार हज़ार में 214वाँ पाशुर

कुंडलम् ताऴ कुऴल् ताऴ नाण् ताऴऎण् तिशैयोरुम् इऱैंजित् तॊऴुदु एत्तवंडु अमर् पूंगुऴलार् तुगिऱ् कैक्कॊंडुविण् तोय् मरत्ताऩाल् इऩ्ऱु मुऱ्ऱुम्वेंडवुम् ताराऩाल् इऩ्ऱु मुऱ्ऱुम्

अर्थ

उनके कुण्डल झूल रहे हैं, लटें बिखरकर नीचे गिर रही हैं, कमरबंद ढीला लटक रहा है, और आठों दिशाओं के लोग झुककर उनकी पूजा और स्तुति कर रहे हैं; ऐसे में उन्होंने भौंरों से घिरे फूल बालों में सजाए बालाओं के कपड़े ले लिए और आकाश छूते पेड़ पर चढ़ गए। आज तो हद हो गई! हम विनती भी करें तो वे लौटाते नहीं। आज तो हद हो गई!

शब्दशः

कुंडलम् ताऴ
उनके कुण्डल झूलते हुए
नाण् ताऴ
उनका कमरबंद लटकता हुआ
ऎण् तिशैयोरुम्
आठों दिशाओं के लोग
वंडु अमर् पूंगुऴलार्
बालों में भौंरों से घिरे फूल सजाए बालाएँ
विण् तोय् मरत्ताऩाल्
वे आकाश छूते पेड़ पर चढ़ गए
वेंडवुम् ताराऩाल्
हम विनती करें तब भी वे नहीं देते
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पेरियाळ्वार् तिरुमोळि 2.10.3 · चार हज़ार में 215वाँ पाशुर

तडम् पडु तामरैप् पॊय्गै कलक्किविडम् पडु नागत्तै वाल् पऱ्ऱि ईर्त्तुपडम् पडु पैंदलै मेल् ऎऴप् पाय्ंदिट्टुउडंबै अशैत्ताऩाल् इऩ्ऱु मुऱ्ऱुम्उच्चियिल् निऩ्ऱाऩाल् इऩ्ऱु मुऱ्ऱुम्

अर्थ

उन्होंने चौड़े कमल-सरोवर को मथ डाला, विषैले नाग की पूँछ पकड़कर उसे घसीटा, ऐसे उछले कि उसके फन वाले हरे सिर ऊँचे उठ गए, और उस पर अपना शरीर लहराते हुए नाचे। आज तो हद हो गई! वे उसके ठीक शिखर पर खड़े हो गए। आज तो हद हो गई!

शब्दशः

तडम् पडु तामरैप् पॊय्गै कलक्कि
चौड़े कमल-सरोवर को मथते हुए
विडम् पडु नागत्तै
विषैला नाग, कालिय
वाल् पऱ्ऱि ईर्त्तु
पूँछ पकड़कर उसे घसीटते हुए
पडम् पडु पैंदलै
उसके फन वाले हरे सिर
उडंबै अशैत्ताऩाल्
उन्होंने नाचते हुए अपना शरीर लहराया
उच्चियिल् निऩ्ऱाऩाल्
वे उसके शिखर पर खड़े हुए
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पेरियाळ्वार् तिरुमोळि 2.10.4 · चार हज़ार में 216वाँ पाशुर

तेऩुगऩ् आवि सॆगुत्तुप् पऩंगऩिताऩ् ऎऱिंदिट्ट तडम् पॆरुंदोळिऩाल्वाऩवर् कोऩ् विड वंद मऴै तडुत्तुआऩिरै कात्ताऩाल् इऩ्ऱु मुऱ्ऱुम्अवै उय्यक् कॊंडाऩाल् इऩ्ऱु मुऱ्ऱुम्

अर्थ

अपने विशाल, चौड़े कंधों से उन्होंने धेनुक के प्राण लिए और उसे ताड़ के फलों पर दे मारा। देवताओं के राजा की भेजी वर्षा को उन्होंने रोका और गायों के झुंडों की रक्षा की। आज तो हद हो गई! उन्होंने सबको ले लिया और सुरक्षित रखा। आज तो हद हो गई!

शब्दशः

तेऩुगऩ् आवि सॆगुत्तुप्
गधे के रूप वाले असुर धेनुक के प्राण लेना
पऩंगऩि
ताड़ के फल
तडम् पॆरुंदोळिऩाल्
अपने विशाल चौड़े कंधों से
वाऩवर् कोऩ् विड वंद मऴै
देवताओं के राजा इन्द्र की भेजी वर्षा
आऩिरै कात्ताऩाल्
उन्होंने गायों के झुंडों की रक्षा की
अवै उय्यक् कॊंडाऩाल्
उन्होंने उन्हें सुरक्षित रखा
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पेरियाळ्वार् तिरुमोळि 2.10.5 · चार हज़ार में 217वाँ पाशुर

आय्च्चियर् सेरि अळै तयिर् पाल् उंडुपेर्त्तु अवर् कंडु पिडिक्कप् पिडियुंडुवेय्त् तडंदोळिऩार् वॆण्णॆय् कोळ् माट्टादु अंगुआप्पुंडु इरुंदाऩाल् इऩ्ऱु मुऱ्ऱुम्अडियुंडु अऴुदाऩाल् इऩ्ऱु मुऱ्ऱुम्

अर्थ

ग्वालिनों की गली में उन्होंने मथा हुआ दही और दूध खा लिया। जब उन्होंने उन्हें फिर देखा और पकड़ लिया, तो वे पकड़े गए; और बाँस जैसे चिकने कंधों वाली स्त्रियों का मक्खन लेकर भाग न पाने पर वे वहीं बँधे बैठे रहे। आज तो हद हो गई! उन्हें मार पड़ी और वे रोए। आज तो हद हो गई!

शब्दशः

आय्च्चियर् सेरि
ग्वालिनों की गली
अळै तयिर् पाल् उंडु
मथा हुआ दही और दूध खाना
पिडिक्कप् पिडियुंडु
जब उन्होंने उन्हें पकड़ा, वे पकड़े गए
वेय्त् तडंदोळिऩार्
बाँस जैसे चिकने कंधों वाली स्त्रियाँ
आप्पुंडु इरुंदाऩाल्
वे वहीं बँधे बैठे रहे
अडियुंडु अऴुदाऩाल्
उन्हें मार पड़ी और वे रोए
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पेरियाळ्वार् तिरुमोळि 2.10.6 · चार हज़ार में 218वाँ पाशुर

तळ्ळित् तळर् नडै यिट्टु इळम् पिळ्ळैयाय्उळ्ळत्तिऩ् उळ्ळे अवळै उऱ नोक्किकळ्ळत्तिऩाल् वंद पेय्च्चि मुलै उयिर्तुळ्ळच् चुवैत्ताऩाल् इऩ्ऱु मुऱ्ऱुम्तुवक्कु अऱ उंडाऩाल् इऩ्ऱु मुऱ्ऱुम्

अर्थ

नन्हे बालक की तरह डगमगाते पैरों से ठुमकते हुए, उन्होंने अपनी अंतर्दृष्टि से उसके भीतर गहराई तक देखा, और छल से आई उस राक्षसी के स्तन को तब तक चूसा जब तक उसके प्राण उछलकर बाहर न निकल गए। आज तो हद हो गई! वे तब तक पीते रहे जब तक उसमें प्राण टिकाने को कुछ न बचा। आज तो हद हो गई!

शब्दशः

तळर् नडै
डगमगाते, ठुमकते कदम
उळ्ळत्तिऩ् उळ्ळे अवळै उऱ नोक्कि
अपने हृदय में उसके भीतर गहराई तक देखते हुए
कळ्ळत्तिऩाल् वंद पेय्च्चि
छल से आई राक्षसी, पूतना
उयिर् तुळ्ळच् चुवैत्ताऩाल्
उन्होंने तब तक चूसा जब तक उसके प्राण उछलकर निकल न गए
तुवक्कु अऱ उंडाऩाल्
वे तब तक पीते रहे जब तक उसमें प्राण टिकाने को कुछ न बचा
इऩ्ऱु मुऱ्ऱुम्
आज तो हद हो गई
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पेरियाळ्वार् तिरुमोळि 2.10.7 · चार हज़ार में 219वाँ पाशुर

मावलि वेळ्वियिल् माण् उरुवाय्च् चॆऩ्ऱुमूवडि ता ऎऩ्ऱु इरंद इम् मण्णिऩैऒरडि इट्टु इरंडाम् अडिदऩ्ऩिलेतावडि इट्टाऩाल् इऩ्ऱु मुऱ्ऱुम्तरणि अळंदाऩाल् इऩ्ऱु मुऱ्ऱुम्

अर्थ

वे नन्हे ब्राह्मण बालक बनकर महाबली के यज्ञ में गए और माँगा, 'मुझे तीन पग दे दो।' इसी धरती को उन्होंने एक ही पग में ढक लिया, और दूसरे पग से छलाँग लगाकर आकाश पार कर गए। आज तो हद हो गई! उन्होंने सारी धरती नाप ली। आज तो हद हो गई!

शब्दशः

मावलि वेळ्वियिल्
महाबली के यज्ञ में
माण् उरुवाय्च् चॆऩ्ऱु
ब्राह्मण बालक, वामन बनकर जाना
मूवडि ता ऎऩ्ऱु इरंद
'मुझे तीन पग दो' यह माँगना
ऒरडि इट्टु
एक पग रखकर
तावडि इट्टाऩाल्
उन्होंने छलाँग भरा पग रखा
तरणि अळंदाऩाल्
उन्होंने धरती नाप ली
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पेरियाळ्वार् तिरुमोळि 2.10.8 · चार हज़ार में 220वाँ पाशुर

ताऴै तण्-आंबऱ् तडम् पॆरुम् पॊय्गैवाय्वाऴुम् मुदलै वलैप्पट्टु वादिप्पु उण्वेऴम् तुयर् कॆड विण्णोर् पॆरुमाऩाय्आऴि पणि कॊंडाऩाल् इऩ्ऱु मुऱ्ऱुम्अदऱ्कु अरुळ् सॆय्दाऩाल् इऩ्ऱु मुऱ्ऱुम्

अर्थ

केवड़े और शीतल कुमुदों वाले बड़े, चौड़े सरोवर में वह हाथी वहीं रहने वाले मगर की पकड़ में आ गया और तड़पने लगा। उसका कष्ट मिटाने के लिए उन्होंने, देवताओं के स्वामी ने, अपना चक्र चलाया। आज तो हद हो गई! उन्होंने उस पर कृपा की। आज तो हद हो गई!

शब्दशः

ताऴै तण्-आंबऱ्
केवड़ा और शीतल कुमुद
वाऴुम् मुदलै
वहाँ रहने वाला मगर
वादिप्पु उण् वेऴम्
तड़पता हुआ हाथी, गजेन्द्र
विण्णोर् पॆरुमाऩाय्
देवताओं के स्वामी होकर
आऴि पणि कॊंडाऩाल्
उन्होंने अपना चक्र चलाया
अदऱ्कु अरुळ् सॆय्दाऩाल्
उन्होंने उस पर कृपा की
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पेरियाळ्वार् तिरुमोळि 2.10.9 · चार हज़ार में 221वाँ पाशुर

वाऩत्तु ऎऴुंद मऴै मुगिल् पोल् ऎंगुम्काऩत्तु मेय्ंदु कळित्तु विळैयाडिएऩत्तु उरुवाय् इडंद इम् मण्णिऩैत्ताऩत्ते वैत्ताऩाल् इऩ्ऱु मुऱ्ऱुम्तरणि इडंदाऩाल् इऩ्ऱु मुऱ्ऱुम्

अर्थ

आकाश में उठे वर्षा के बादल जैसे, वे झुंडों के साथ सारे वन में आनंद से खेलते हुए घूमते रहे। वराह के रूप में उन्होंने यह धरती खोदकर निकाली और उसे फिर उसके स्थान पर रख दिया। आज तो हद हो गई! उन्होंने धरती को नीचे से उठा लिया। आज तो हद हो गई!

शब्दशः

वाऩत्तु ऎऴुंद मऴै मुगिल् पोल्
आकाश में उठे वर्षा के बादल जैसे
काऩत्तु मेय्ंदु
वन में झुंडों को चराते हुए
एऩत्तु उरुवाय्
शूकर के रूप में, वराह
ताऩत्ते वैत्ताऩाल्
उन्होंने उसे उसके स्थान पर रख दिया
तरणि इडंदाऩाल्
उन्होंने धरती खोदकर निकाली
इस पाशुर के बारे में श्री पादुका से पूछिए →

पेरियाळ्वार् तिरुमोळि 2.10.10 · चार हज़ार में 222वाँ पाशुर

अङ् कमलक् कण्णऩ्दऩ्ऩै अशोदैक्कुमंगै नल्लार्गळ् ताम् वंदु मुऱैप्पट्टअंगु अवर् सॊल्लैप् पुदुवैक्कोऩ् पट्टऩ् सॊल्इंगु इवै वल्लवर्क्कु एदम् ऒऩ्ऱु इल्लैये

अर्थ

सुंदर युवतियाँ कमलनयन कण्णन् की शिकायत करने यशोदा के पास आईं, और पुदुवै के स्वामी भट्टन्, पेरियाळ्वार्, ने उनके वचन ठीक वैसे ही लिख दिए जैसे उन्होंने वहाँ कहे थे। जो यहाँ इन्हें गा सकें, उन्हें कोई भी हानि नहीं पहुँचेगी।

शब्दशः

अङ् कमलक् कण्णऩ्दऩ्ऩै
सुंदर कमलनयन कण्णन्
मंगै नल्लार्गळ्
सुंदर युवतियाँ
मुऱैप्पट्ट
शिकायत की
पुदुवैक्कोऩ् पट्टऩ्
पुदुवै के स्वामी भट्टन्, पेरियाळ्वार्
एदम् ऒऩ्ऱु इल्लैये
कोई भी हानि नहीं
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पाशुर पाठ: प्रोजेक्ट मदुरै का नालायिर दिव्य प्रबन्धम् का पद-विभक्त ई-पाठ, उनके दूसरे संस्करण से हर पाशुर मिलाया गया। पाशुर देवनागरी में वैसे लिखा है जैसे तमिऴ् में पढ़ा जाता है: ழ को ऴ, ற को ऱ, ன को ऩ। अर्थ आचार्यों के व्याख्यानों के प्रकाश में इस साइट के लिए लिखी गई सरल प्रस्तुतियाँ हैं, और विद्वान् की समीक्षा की प्रतीक्षा में हैं।